Sunday, 1 June 2008

मीठी मीठी बातें

मीठी मीठी बातें

घर कर ग़यी

कानोंकी सीडिसे

दिल में उतर गयी

ना ना कब हाँ हाँ हो गया

कुछ ख़बर नही

जादूगर की जादूगरी

काम तमाम कर गयी

दुनिया से बेखबर

दीवानगी का यह आलम

बदहवास गली गली

पीया को खोजती रहती

बेरहम हवा के झोंके सा आता

कुछ पल प्रेम क्रीडा कर

हवा हो जाता, वह हताश

बेबस, राह तकती कब आएगा

फिर रगों में हरकत होगी

और लहू रवां होंगा

सम्मोहन ऐसा तीव्रः

छुटे ही छुटता

मीठी मीठी बातें

ऐसे घर कर गयी

कानो की सीडी से

दिल में उतर गयी

मीठी मीठी बातों से बचना

ज़रा, दुनिया में है जादू बहरा

बीना गुप्ता

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