मीठी मीठी बातें
घर कर ग़यी
कानोंकी सीडिसे
दिल में उतर गयी
ना ना कब हाँ हाँ हो गया
कुछ ख़बर नही
जादूगर की जादूगरी
काम तमाम कर गयी
दुनिया से बेखबर
दीवानगी का यह आलम
बदहवास गली गली
पीया को खोजती रहती
बेरहम हवा के झोंके सा आता
कुछ पल प्रेम क्रीडा कर
हवा हो जाता, वह हताश
बेबस, राह तकती कब आएगा
फिर रगों में हरकत होगी
और लहू रवां होंगा
सम्मोहन ऐसा तीव्रः
छुटे ही छुटता
मीठी मीठी बातें
ऐसे घर कर गयी
कानो की सीडी से
दिल में उतर गयी
मीठी मीठी बातों से बचना
ज़रा, दुनिया में है जादू बहरा
बीना गुप्ता
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